।। ॐ नमः सिद्धेभ्यः ।। सादर जय जिनेन्द्र! 'आई सपोर्ट जैनिज़्म' पर समस्त सामग्री विशुद्ध जिनधर्म प्रभावना के उद्देश्य से समर्पित है। जिनवाणी का सम्मान सर्वोपरि है; कृपया इसे पूर्ण विनय एवं सात्विक भाव से अवलोकन करें।
।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं बड़े बाबा अर्हं नमः ।।

कौन क्या कहता हैं

घडी
समय मत गँवाओ !
समुद्र
विशाल दिल रखो !
चींटी
निरंतर कर्म करते रहो !
वृक्ष
परोपकारी बनो !
धरती
सहनशील बनो !
सूर्य
निरंतरता बनाये रखो !
गुलाब
दुःख में भी खुश रखो !
दीपक
दूसरो को रोशन करो !
कुत्ता
वफादार बनो !
कोयल
मीठा बोलो !
कौआ
चतुर बनो !
और
जैन धर्म
अहिंसक बनो !