।। ॐ नमः सिद्धेभ्यः ।। सादर जय जिनेन्द्र! 'आई सपोर्ट जैनिज़्म' पर समस्त सामग्री विशुद्ध जिनधर्म प्रभावना के उद्देश्य से समर्पित है। जिनवाणी का सम्मान सर्वोपरि है; कृपया इसे पूर्ण विनय एवं सात्विक भाव से अवलोकन करें।
।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं बड़े बाबा अर्हं नमः ।।

'माँ' जिसकी कोई परिभाषा नहीं

इन्सान के शरीर 45 डेल (इकाई) तक ही दर्द सह सकता है ! परन्तु जन्म देते समय एक महिला को ५७ डेल (इकाई) तक दर्द महसूस करती है ! यह दर्द 22 हड्डियों का एक साथ टूटने के बराबर है ! अपनी माँ की प्यार करो , इस धरती पर सबसे खुबसूरत अगर कोई है तो वो माँ है उसे दर्द (दुःख) मत दो ! सबसे बड़ी आलोचक , लेकिन फिर भी सबसे अच्छी सहयोगी है 'माँ' जिसकी कोई परिभाषा नहीं, जिसकी कोई सीमा नहीं, जो भगवान से भी बढ़कर है !