Sunday, April 12, 2015

अगर आप हैं।

अगर आप सास हैं
तो अपनी बहु को इतना प्रेम दें, इतना प्रेम दें कि बहु अपने पीहर के फ़ोन नंबर ही भूल जाये।
अगर आप बहु हैं
तो अपनी सास को इतना आदर करें की सास अपनी बेटी का नाम लेना ही भूल जाये।
अगर आप बाप हैं
तो अपने बेटे को ऐसे संस्कार दें, ऐसे संस्कार दें कि आपके नाम की पहचान उसके नाम से हो।
अगर आप बेटे हैं
तो ऐसा जीवन जीये, ऐसा जीवन जीये की
दुनियां तुम्हारे माँ बाप से पूछे की आखिर किस तपस्या के फल से तुमने ऐसा होनहार बेटा पाया है।
जय जिनेन्द्र©

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