पहले दरवाजे के बाहर लिखा जाता था
अतिथि देवों भव
फिर लिखा जाने लगा
शुभ लाभ
अब लिखा जाता हैं
कुत्तों से सावधान
जरा सोचिये ?
हम किस तरफ बढ़ रहे हैं !
फिर लिखा जाने लगा
शुभ लाभ
अब लिखा जाता हैं
कुत्तों से सावधान
जरा सोचिये ?
हम किस तरफ बढ़ रहे हैं !