iSupportJainism
Sunday, March 20, 2016
आज के प्रवचन से
दोषों के ज्ञान बिना हम गुणों को प्राप्त नहीं कर सकते। धन तो सुलभ है पर धर्म दुर्लभ है। क्रोध, मान, माया, लोभ और राग-द्वेष परिणाम ही मनुष्य के शत्रु हैं।
- आ. विद्यासागरजी महाराज (आज कटंगी के प्रवचन से)
Newer Post
Older Post
Home