Sunday, March 20, 2016

आज के प्रवचन से

दोषों के ज्ञान बिना हम गुणों को प्राप्त नहीं कर सकते। धन तो सुलभ है पर धर्म दुर्लभ है। क्रोध, मान, माया, लोभ और राग-द्वेष परिणाम ही मनुष्य के शत्रु हैं।
- आ. विद्यासागरजी महाराज (आज कटंगी के प्रवचन से)