।। ॐ नमः सिद्धेभ्यः ।। सादर जय जिनेन्द्र! 'आई सपोर्ट जैनिज़्म' पर समस्त सामग्री विशुद्ध जिनधर्म प्रभावना के उद्देश्य से समर्पित है। जिनवाणी का सम्मान सर्वोपरि है; कृपया इसे पूर्ण विनय एवं सात्विक भाव से अवलोकन करें।
।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं बड़े बाबा अर्हं नमः ।।

प्रतिमाजी


भगवान आदिनाथ प्रभु की एक और भव्य जिन प्रतिमाजी निकली ये प्रतिमाजी बेलगाम (कर्नाटक) से 150 किलोमीटर दूर बद्रगिरी, हलिंगली नामक जगह से प्राप्त हुई है अभी वहा मुनि श्री कुलरत्नभूषण जी मुनिराज है