1100 कीर्ति स्तंभ

आचार्यश्री के नाम पर देशभर में लग रहे 1100 कीर्ति स्तंभों में से एक भोपाल में। आचार्यश्री विद्यासागर जी के 50वें दीक्षा दिवस पर 28 जून को होगा स्तंभ का लोकार्पण। 

आचार्यश्री विद्यासागर जी के नाम पर देशभर में लगाए जा रहे कीर्ति स्तंभों में भोपाल के एकमात्र सोनागिरी जिनालय का चयन किया गया है। जयपुर से 5 लाख से बनवाए इस स्तंभ की जिनालय में स्थापना हो चुकी है। इन सभी स्तंभों का लोकार्पण एक ही दिन 28 जून को उनके 50वें दीक्षा दिवस पर किया जाएगा। आचार्यश्री के नाम पर एक शहर में एक कीर्ति स्तंभ योजना आचार्यश्री से दीक्षा लेकर मुनि बने उनके 120 मुनियों, 172 आर्यिकाओं व 20 एकल 18 छुल्लकों ने तैयार की थी। इसके तहत 1100 से शहरों के जिनालयों में इसे लगाने का फैसला किया गया। दिगंबर जैन मंदिर पंचायत कमेटी के अध्यक्ष प्रमोद हिमांशु ने बताया कि सभी स्तंभ एक जैसे बने इसके लिए इनका निर्माण एक ही स्थान पर कराया जाए। 
1968 में आचार्यश्री ने ली थी दीक्षा आचार्यश्री का नाम विद्याधर था। बेलगांव (कर्नाटक) के ग्राम सदलगा में 10 अक्टूबर 1946 को जन्मे आचार्यश्री ने कन्नड़ के माध्यम से हाईस्कूल तक शिक्षा ग्रहण की। बाद में वे वैराग्य की दिशा में बढ़े और 30 जून 1968 को आचार्यश्री ज्ञान सागर जी से दीक्षा ली। आचार्य का पद उन्हें 22 नवंबर 1972 को मिला। 
परिसर में 50 पौधे लगाए जाएंगे उन्होंने बताया कि आचार्यश्री के 50वें दीक्षा दिवस को स्वर्ण जयंती दीक्षा दिवस के रूप में मनाया जाएगा। सोनागिरी मंदिर समेत शहर के सभी जैन मंदिर परिसरों में पौधे भी रोपे जाएंगे। स्तंभ परिसर में 50 पौधे लगाए जाएंगे। इसी दिन स्तंभ का लोकार्पण कराने के साथ ही अभिषेक व विधान आदि अनुष्ठान भी होंगे। 
21 फीट ऊंचा है स्तंभ, लागत 5 लाख रुपए मुनि सेवा समिति सोनागिरी के अध्यक्ष नरेंद्र पिंडरई ने बताया कि सोनागिरी जिनालय में मंदिर के सामने बगीचे में स्तंभ की स्थापना की गई है। इसकी ऊंचाई 21 फीट है। यह चार भागों में है। पहले भाग में पट्टिका में आचार्यश्री का संक्षिप्त जीवन परिचय है। दूसरे में उनके शिष्यों की संख्या और उनके द्वारा रचित ग्रंथों व अन्य साहित्य के बारे में लिखा गया है। तीसरे भाग में उनकी परंपरा के आचार्यों का नाम अंकित हैं। सबसे ऊपर गोल चक्र के रूप में है जिसमें कमंडल व पिच्छी बनाई गई है।

साभार: भास्कर