।। ॐ नमः सिद्धेभ्यः ।। सादर जय जिनेन्द्र! 'आई सपोर्ट जैनिज़्म' पर समस्त सामग्री विशुद्ध जिनधर्म प्रभावना के उद्देश्य से समर्पित है। जिनवाणी का सम्मान सर्वोपरि है; कृपया इसे पूर्ण विनय एवं सात्विक भाव से अवलोकन करें।
।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं बड़े बाबा अर्हं नमः ।।

सबसे क्षमा सबको क्षमा उत्तम क्षमा

भूल हो जाना मानव मात्र का स्वभाव है लेकिन क्षमा करना देवीय स्वभाव है। अधिकांश बातें ऐसी होती है जिनका क्षमा कर देने से अंत हो जाता है। क्षमा देकर जख्मो को भूल जाना बेहतर है क्योंकि याद रखने लायक ओर बहुत कुछ है। हमारा अहंकार हमे क्षमा मांगने से रोकता है ओर तिरस्कार क्षमा देने में बाधक बनता है।
छोटा सा संसार, गलतियां अपार, आपके पास है क्षमा का अधिकार, कर लीजिए हमारा निवेदन स्वीकार सबसे क्षमा सबको क्षमा उत्तम क्षमा। 

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