।। ॐ नमः सिद्धेभ्यः ।। गुजरात प्रांत के पावन जैन सिद्ध, साधना एवं अतिशय क्षेत्र
गुजरात की पुण्यधरा तीर्थंकरों की दीक्षा, केवलज्ञान एवं निर्वाण कल्याणकों सहित असंख्य मुनिराजों की मोक्ष स्थली रही है। 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ स्वामी की पावन दीक्षा, केवलज्ञान व मोक्ष स्थली गिरनार जी, श्री पावागढ़ सिद्ध क्षेत्र, शाश्वत सिद्ध क्षेत्र शत्रुंजय (पालीताणा), तारंगा जी सिद्ध क्षेत्र एवं महुवा पार्श्वनाथ सहित गुजरात के समस्त प्रमुख तीर्थों की प्रामाणिक सूची एवं Google Maps लिंक यहाँ प्रस्तुत है।
| क्र. | क्षेत्र का नाम (तीर्थ स्थल) | प्रकार (Category) | धार्मिक महात्म्य / विवरण | मैप लिंक |
|---|---|---|---|---|
| 1 | भिलोड़ा (Bhiloda) अरावली जिला |
अतिशय क्षेत्र | भगवान दिगंबर नेमिनाथ जी का अति प्राचीन एवं चमत्कारी दिगंबर जिनालय (चन्द्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर) | 📍 Map |
| 2 | चैतन्यधाम (Chetanyadham) सूरत जिला |
साधना तीर्थ | अध्यात्म, स्वाध्याय एवं आत्म-साधना हेतु समर्पित शांत पावन तीर्थ परिसर | 📍 Map |
| 3 | देरोल-वाघेला (Derol-Vaghela) साबरकांठा जिला |
अतिशय क्षेत्र | प्राचीन पावन जिनालय, मनोज्ञ जिनबिम्ब एवं ऐतिहासिक अतिशय क्षेत्र | 📍 Map |
| 4 | घोघा (Ghogha) भावनगर जिला |
अतिशय क्षेत्र | समुद्र तट पर स्थित भगवान पार्श्वनाथ स्वामी का प्राचीन अतिशययुक्त जिनालय | 📍 Map |
| 5 | गिरनार जी (Girnarji) जूनागढ़ जिला |
सिद्ध क्षेत्र | 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ जी की दीक्षा, केवलज्ञान एवं पावन निर्वाण (मोक्ष) स्थली (ऊर्जयंत गिरि) | 📍 Map |
| 6 | महुवा पार्श्वनाथ (Mahuva) सूरत जिला |
अतिशय क्षेत्र | श्री 1008 विघ्नहर पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र, शांति एवं मनोकामना पूर्ति धाम | 📍 Map |
| 7 | पावागढ़ (Pawagarh) पंचमहल जिला |
सिद्ध क्षेत्र | लव, कुश एवं पाँच करोड़ मुनिराजों की पावन मोक्ष स्थली (सिद्धक्षेत्र पावागढ़ पहाड़ी) | 📍 Map |
| 8 | शत्रुंजय जी - पालीताणा (Shatrunjaya) भावनगर जिला |
सिद्ध क्षेत्र | प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव की साधना भूमि तथा युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन आदि अनंतानंत मुनियों की निर्वाण स्थली | 📍 Map |
| 9 | तारंगा जी (Tarangaji) मेहसाणा जिला |
सिद्ध क्षेत्र | वरदत्त आदि साढ़े तीन करोड़ मुनिराजों की मोक्ष स्थली एवं श्वेत पाषाण का भव्य प्राचीन जिनालय | 📍 Map |
| 10 | उमता (Umata) मेहसाणा जिला |
अतिशय क्षेत्र | श्री आदिनाथ भगवान का प्राचीन अतिशययुक्त जिनालय एवं ऐतिहासिक तीर्थ स्थल | 📍 Map |
"जाणंता-अजाणंता, मए कयं व परिहाणीयं।
तं सव्वं मिच्छा मे दुक्कडं॥"
विनम्र निवेदन: गुजरात राज्य स्थित पावन जैन सिद्ध, साधना एवं अतिशय तीर्थ क्षेत्रों की इस सूची के संकलन में पूर्ण सावधानी एवं प्रामाणिकता का ध्यान रखा गया है। फिर भी यदि अल्पज्ञतावश या प्रमादजनित टंकण दोष से किसी क्षेत्र के नाम, वर्गीकरण अथवा विवरण में कोई त्रुटि रह गई हो, तो वह हमारी अज्ञानता है। सर्वज्ञ वीतराग वाणी ही परम प्रमाण है। सुधी स्वाध्यायी महानुभावों से अनुरोध है कि कोई भी विसंगति दृष्टिगोचर होने पर कृपया टिप्पणी (Comment) कर संशोधन कराने की अनुकंपा करें। मन, वचन, काय से मिच्छामि दुक्कडं!
"अनंतानंत सिद्ध परमेष्ठी भगवान की जय! जय जिनेंद्र!"