।। ॐ नमः सिद्धेभ्यः ।। सादर जय जिनेन्द्र! 'आई सपोर्ट जैनिज़्म' पर समस्त सामग्री विशुद्ध जिनधर्म प्रभावना के उद्देश्य से समर्पित है। जिनवाणी का सम्मान सर्वोपरि है; कृपया इसे पूर्ण विनय एवं सात्विक भाव से अवलोकन करें।
।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं बड़े बाबा अर्हं नमः ।।

कहावत है

आम बोएगा वह आम खाएगा,
बबूल बोएगा वह कांटे पाएगा।
बबूल बोकर आम प्राप्त करना,
जिस प्रकार प्रकृति का ‪सत्य‬ नही,
उसी प्रकार बुरार्इ के बीज बोकर,
भलार्इ पा लेने की कल्पना भी नही की जा सकती !
ये कड़वी सच्चाई है !!     - मुनि श्री