।। ॐ नमः सिद्धेभ्यः ।। सादर जय जिनेन्द्र! 'आई सपोर्ट जैनिज़्म' पर समस्त सामग्री विशुद्ध जिनधर्म प्रभावना के उद्देश्य से समर्पित है। जिनवाणी का सम्मान सर्वोपरि है; कृपया इसे पूर्ण विनय एवं सात्विक भाव से अवलोकन करें।
।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं बड़े बाबा अर्हं नमः ।।

आज का आदमी

आज का आदमी 
आश्रय देने पर सिर चढ़ जाता है,
उपदेश देने पर मुडक़र बैठता हैं,
उपकार करने पर अस्वीकार करता हैं,
क्षमा करने पर दुर्बल समझता हैं,
आदर करने पर खुशामद समझता हैं,
विश्वास करने पर हानि पहुँचता हैं,
प्यार करने पर आघात करता हैं,
क्या यह चरित्र उचित हैं।