।। ॐ नमः सिद्धेभ्यः ।। सादर जय जिनेन्द्र! 'आई सपोर्ट जैनिज़्म' पर समस्त सामग्री विशुद्ध जिनधर्म प्रभावना के उद्देश्य से समर्पित है। जिनवाणी का सम्मान सर्वोपरि है; कृपया इसे पूर्ण विनय एवं सात्विक भाव से अवलोकन करें।
।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं बड़े बाबा अर्हं नमः ।।

एक साँस

प्रेम चाहिये तो समर्पण खर्च करना होगा,
विश्वास चाहिये तो निष्ठा खर्च करनी होगी,
साथ चाहिये तो समय खर्च करना होगा,
किसने कहा रिश्ते मुफ़्त मिलते हैं,
मुफ़्त तो जिंदगी में हवा भी नहीं मिलती,
एक साँस भी तब आती है जब एक साँस छोड़ी हैं।