।। ॐ नमः सिद्धेभ्यः ।। सादर जय जिनेन्द्र! 'आई सपोर्ट जैनिज़्म' पर समस्त सामग्री विशुद्ध जिनधर्म प्रभावना के उद्देश्य से समर्पित है। जिनवाणी का सम्मान सर्वोपरि है; कृपया इसे पूर्ण विनय एवं सात्विक भाव से अवलोकन करें।
।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं बड़े बाबा अर्हं नमः ।।

बुजुर्गो की संगति करो।

बुजुर्गो की संगति करो। क्योंकि बुजुर्गो के चेहरे की एक एक झुर्री पर हजार हजार अनुभव लिखे होते है। उनके कांपते हुये हाथ, हिलती हुई गर्दन लड़खड़ाते हुये कदम और मुर्झाया हुआ चेहरा सन्देश देता है की जो भी शुभ करना है वह आज, अभी और इसी वक़्त कर लो। कल कुछ भी नहीं कर पाओगे। बुढा व्यक्ति इस पृथ्वी का सबसे बड़ा शिक्षालय है क्योंकि उसे देखकर उगते सूरज की डूबती कहानी का बोध होता है।