।। ॐ नमः सिद्धेभ्यः ।। सादर जय जिनेन्द्र! 'आई सपोर्ट जैनिज़्म' पर समस्त सामग्री विशुद्ध जिनधर्म प्रभावना के उद्देश्य से समर्पित है। जिनवाणी का सम्मान सर्वोपरि है; कृपया इसे पूर्ण विनय एवं सात्विक भाव से अवलोकन करें।
।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं बड़े बाबा अर्हं नमः ।।

गुरुवाणी

विद्यासागरजी कह रहे, तिलवारा के तीर।
पशुओं की रक्षा करो, महावीर के वीर॥
लख करो पूजा चाहे तीर्थ करो हजार।
जीवों पर करुणा नहीं तो सब कुछ है बेकार॥