।। ॐ नमः सिद्धेभ्यः ।। सादर जय जिनेन्द्र! 'आई सपोर्ट जैनिज़्म' पर समस्त सामग्री विशुद्ध जिनधर्म प्रभावना के उद्देश्य से समर्पित है। जिनवाणी का सम्मान सर्वोपरि है; कृपया इसे पूर्ण विनय एवं सात्विक भाव से अवलोकन करें।
।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं बड़े बाबा अर्हं नमः ।।

जैनत्व की प्रमुख पहचान

जय जिनेन्द्र कहना जैनत्व की प्रमुख पहचान है। हम पुरे दिन में शायद भगवान का स्मरण करने के लिए समय न निकाल पाए, लेकिन जय जिनेन्द्र कहने से हम स्वतः जिनेन्द्र परमात्मा को नमस्कार करते है। वो भी सिर्फ एक या दो तीर्थकर को नहीं, बल्कि भूत, भविष्य व वर्तमान के सभी तीर्थकर को नमस्कार करने का लाभ मिलता हैं।