28 जून 2017 जैन जगत का एक और स्वर्णिम दिन सन्त शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी ऋषिराज के मुनि दीक्षा का 50वा वर्ष प्रारम्भ हो रहा है। अत्यंत हर्ष और गौरव है कि वर्तमान में श्वेतपिच्छाचार्य श्री विद्यानन्दी जी ऋषिराज, गणधराचार्य श्री कुंथुसागर जी ऋषिराज, स्थिवराचार्य श्री सम्भवसागर जी ऋषिराज और गिरनार गौरव आचार्य श्री निर्मल सागर जी के बाद एक ओर महाऋषि अपनी मुनि दीक्षा के 50 वर्ष पूर्ण कर रहे है। अपने साधनाकाल में लाखों भव्यात्माओ का कल्याण करने वाले सन्तशिरोमणी आचार्य श्री विद्यासागर जी भगवन्त ने अनेकानेक मुनि-आर्यकाए दीक्षाएं प्रदान की। आचार्य श्री शांतिसागर जी महाऋषिराज, वात्सल्यरत्नाकर आचार्य श्री विमलसागर जी ऋषिराज और तपस्वी सम्राट आचार्य श्री सन्मतिसागर जी ऋषिराज के बाद सन्तशिरोमणी आचार्य श्री विद्यासागर जी भगवन्त ऐसे महायति हे जिनके अतिशय दर्शन को पाने लाखो भक्तगण अपना सौभाग्य मानकर सदैव लालायित रहते है। इस पावन पुनीत स्वर्णिम दिवस पर लाखो श्रावक श्रद्धा पूर्वक उपवास रखकर घरो में 36 दीप प्रज्वलित करके दीपावली की तरह अपने आराध्य गुरु के प्रति महान अनुमोदना की भावना रखेंगे।
निवेदनकर्ता: एल.एस.आर परिवार