।। ॐ नमः सिद्धेभ्यः ।। सादर जय जिनेन्द्र! 'आई सपोर्ट जैनिज़्म' पर समस्त सामग्री विशुद्ध जिनधर्म प्रभावना के उद्देश्य से समर्पित है। जिनवाणी का सम्मान सर्वोपरि है; कृपया इसे पूर्ण विनय एवं सात्विक भाव से अवलोकन करें।
।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं बड़े बाबा अर्हं नमः ।।

आज की तस्वीरे






सांगानेर जी में अतिशय कारी भूगर्भ से निकली जिनबिम्ब प्रतिमाओं की आज की शांति धारा के गंधोदक को आज  श्रीमान अशोक जी पाटनी (R.K. Marbles) ने प.पू आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज एवं संघ को दिया।