मेरे लिए हो गुरुवर

तुम जिंदगी से बढ़ कर,
मेरे लिए हो गुरुवर,
हर शब्द - शब्द मेरा,
तेरे लिए हो गुरुवर,
तुमको ही अपना माना,
तुमको ही अपना जाना,
गुरुदेव तुम्हे अपनी,
आंखों में बसा लेंगे,
तुम दूर रहो कितने,
हम पास बुला लेंगे ।
त्रय बार नमोस्तु गुरुदेव
सभी को सादर जय जिनेन्द्र
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