।। ॐ नमः सिद्धेभ्यः ।। सादर जय जिनेन्द्र! 'आई सपोर्ट जैनिज़्म' पर समस्त सामग्री विशुद्ध जिनधर्म प्रभावना के उद्देश्य से समर्पित है। जिनवाणी का सम्मान सर्वोपरि है; कृपया इसे पूर्ण विनय एवं सात्विक भाव से अवलोकन करें।
।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं बड़े बाबा अर्हं नमः ।।

मनुष्य का अपना क्या है

मनुष्य का अपना क्या है - जन्म दूसरे ने दिया, नाम दूसरे ने दिया, शिक्षा दूसरे ने दी, रिश्ता भी दूसरे से जुड़ा, काम करना भी दूसरे ने सिखाया, अंत में शमशान भी दूसरे के कंधे पर जायेगे ! तुम्हारा इस संसार में क्या हैं, जो तुम इतना घमंड करते हो !