इस युग के महावीर है आचार्य श्री
देश में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की कठिन साधना, तपस्या और उनके जीव दया के संदेश के कारण उनकी अलग पहचान है। उनकी जीवनचर्या चतुर्थ कालीन साधुओं की तरह कठोर, लेकिन निर्दोष है। उनकी जीवन शैली और उनकी वाणी को सुनने से ही वैराग्य की अनुभूति होने लगती है। पिछले 50 वर्षों में उन्होंने पूरे देश में लाखों किलोमीटर पद विहार कर अहिंसा धर्म का प्रचार किया है। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में पढ़े-लिखे युवक-युवतियों ने उनकी साधना और तपस्या से प्रभावित होकर उनसे ब्रम्हचर्य व्रत धारण कर लिया और गृहत्याग कर दीक्षा लेकर मोक्ष मार्ग पर चल पड़े हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समते कई हस्तियां आ चुकी हैं दर्शनार्थ
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने पिछला चातुर्मास मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में किया था। इस दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री और राज्यपाल उनके दर्शन करने और उनसे आशीर्वाद लेने भोपाल पहुंचे थे। भाजपा की ओर से राष्ट्रपति के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद भी उनमें शामिल थे।
छत्तीसगढ़ की धर्मनगरी डोंगरगढ़ में होने वाले आचार्य विद्यासागर जी महाराज के 50वें दीक्षा दिवस के मौके पर संयम स्वर्ण जयंती महामहोत्सव मनाया जा रहा है। इस महोत्सव को लेकर देश-दुनिया के लोगों में उत्सुकता है और वे इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उतावले हैं। 28 जून से 30 जून तक होने वाले इस आयोजन में आचार्य श्री के सानिध्य के साथ ही कई विशेष आकर्षण देखने को मिलेंगे। इसमें एक अत्यंत सुंदर रथ का अजमेर से निर्माण कराया गया है। आचार्य विद्यासागर जी के दीक्षा दिवस के दिन रथयात्रा के दौरान इसे निकाला जाएगा। इसे अजमेर के श्रावक राजेन्द्र कुमार, अजय कुमार दनगसिया ने सोने चांदी से करोड़ों की लागत से तैयार करवाया है। फिलहाल इस रथ को अजमेर से डोंगरगढ़ लाया जा रहा है।
इस मौके पर रविन्द्र जैन जी भोपाल ने बताया कि आचार्य विद्यासागर जी के दीक्षा दिवस को लेकर पूरे देश में हर्ष का माहौल है। हर कोई इस कार्यक्रम को प्रत्यक्ष देखना चाहता है इसलिए कार्यक्रम भव्य बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उसी कड़ी में ये सोने-चांदी से निर्मित रथ को तैयार कराया गया है। यह रथ स्वर्गलोक में पाए जाने वाले विमानों की तरह ही है। इसे देखकर आप सभी मंत्रमुग्ध हो जाएंगे। साथ ही रथयात्रा के दौरान लाखों की संख्या में इसे डोंगरगढ़ में निकाला जाएगा।
साभार: जय जिनेन्द्र परिवार



