।। ॐ नमः सिद्धेभ्यः ।। सादर जय जिनेन्द्र! 'आई सपोर्ट जैनिज़्म' पर समस्त सामग्री विशुद्ध जिनधर्म प्रभावना के उद्देश्य से समर्पित है। जिनवाणी का सम्मान सर्वोपरि है; कृपया इसे पूर्ण विनय एवं सात्विक भाव से अवलोकन करें।
।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं बड़े बाबा अर्हं नमः ।।
आचार्य श्री जी का हुआ मंगल विहार
अनियत विहारी आराध्य परमेष्टि गुरुदेव श्री मद आचार्य देव श्री १०८ विद्यासागर जी
महामुनि
राज जी का
ससंघ चंद्रगिरि तीर्थ डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ से ।
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