आइए शंका-समाधान (FAQ) के रूप में विस्तार से जानते हैं कि निर्वाण लाडू से जुड़ी परंपरा क्या कहती है: Q1: निर्वाण लाडू कब चढ़ाया जाता है? (When) जब कोई तीर्थंकर या महान मुनि अपने सभी कर्मों का क्षय करके मोक्ष (निर्वाण) प्राप्त करते हैं, तब उनके निर्वाण कल्याणक के दिन या वार्षिक निर्वाण दिवस पर निर्वाण लाडू चढ़ाया जाता है। विशेष अवसर: जैन धर्म में इसका सबसे प्रमुख अवसर दीपावली का दिन होता है, जिस दिन भगवान महावीर स्वामी को पावापुरी से मोक्ष प्राप्त हुआ था। इसके अलावा अन्य 23 तीर्थंकरों के मोक्ष कल्याणक के अवसरों पर भी यह विधिपूर्वक चढ़ाया जाता है। Q2: निर्वाण लाडू क्यों चढ़ाया जाता है? (Why) मोक्ष का उत्सव: जैन परंपरा में किसी की मृत्यु को साधारण अर्थों में अंत नहीं माना जाता। जब कोई आत्मा जन्म-मरण के चक्र से हमेशा के लिए मुक्त होकर सिद्ध क्षेत्र में विराजमान होती है, तो वह सबसे बड़ा आनंद का क...