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Showing posts from September, 2017

सबसे क्षमा सबको क्षमा उत्तम क्षमा

भूल हो जाना मानव मात्र का स्वभाव है लेकिन क्षमा करना देवीय स्वभाव है। अधिकांश बातें ऐसी होती है जिनका क्षमा कर देने से अंत हो जाता है। क्षमा देकर जख्मो को भूल जाना बेहतर है क्योंकि याद रखने लायक ओर बहुत कुछ है। हमारा अहंकार हमे क्षमा मांगने से रोकता है ओर तिरस्कार क्षमा देने में बाधक बनता है। छोटा सा संसार, गलतियां अपार, आपके पास है क्षमा का अधिकार, कर लीजिए हमारा निवेदन स्वीकार सबसे क्षमा सबको क्षमा उत्तम क्षमा।   आईसपोर्टजैनिज़्म, परिवार   भारत

जाप्य मंत्र सूची

35 अक्षरों का मंत्र :- णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं, णमो आइरियाणं। णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्वसाहूणं।। 16 अक्षरों का मंत्र :- अरहंत सिद्ध आइरिया उवज्झाया साहू 6 अक्षरों का मंत्र :- (1) अरहन्त सिद्ध (2) अरहन्त सि सा (3) ॐ नमः सिद्धेभ्य (4) नमोऽर्हत्सिद्धेभ्यः 5 अक्षरों का मंत्र :- अ सि आ उ सा 4 अक्षरों का मंत्र :- (1) अरहन्त (2) अ सि साहू 2 अक्षरों का मंत्र :- (1) सिद्ध (2) ॐ ह्रीं 1 अक्षरों का मंत्र :- ॐ (ओम्) यह ध्वनि पांचो परमेष्ठी नामों के पहले अक्षर मिलाने पर बनती है। यथा अरहन्त का पहिला अक्षर 'अ', अशरीरी (सिद्ध) का 'अ', आचार्य का 'आ', उपाध्याय का 'उ', तथा मुनि (साधु) का 'म्', इस प्रकार अ+अ+आ+उ+म् = ॐ (यह 'ओ3म्' इस प्रकार भी लिखा पाया जाता है जो कि अशुद्ध है) रत्नत्रय जाप्य मंत्र :- ॐ ह्रीं श्रीसम्यग्दर्शन-ज्ञान-चारित्रेभ्योनमः
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