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Showing posts from May, 2015

अतीत का गुणगान

अपने अतीत का गुणगान करना एवं  वर्तमान पर विलाप करना मनुष्यों की प्रकृति होती है।

जिन्दगी का पेज

ज़िन्दगी में इतनी भी गलतियाँ न करो की पेंसिल से पहले रबर घिस जाये। और रबर को इतना मत घिसो की जिन्दगी का पेज ही फट जाये।

धर्म

धन आते ही सुख मिलेगा इसमें कोई गारंटी नहीं। किन्तु धर्म आते ही आपका जीवन सुखमय बनेगा, इसमें कोई संदेह नहीं।

इसका कोई मोल नही

गुरु चरणों से बढकर जग में चीज कोई अनमोल नहीं हर वस्तु का मोल हैं लेकिन इसका कोई मोल नही। नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु गुरुदेव

मज़ाक न उड़ाओ

किसी भी व्यक्ति की वर्तमान स्थिति को देखकर उसके भविष्य का मज़ाक न उड़ाओ, क्योकि कल में इतनी शक्ति है, की वह एक मामूली कोयले के टुकड़े को भी हीरे में बदल सकता है।

गुरुवाणी

विद्यासागरजी कह रहे, तिलवारा के तीर। पशुओं की रक्षा करो, महावीर के वीर॥ लख करो पूजा चाहे तीर्थ करो हजार। जीवों पर करुणा नहीं तो सब कुछ है बेकार॥ 

वाणी की शक्ति

वाणी में भी अजीब शक्ति होती है, कड़वा बोलने वाले का शहद भी नहीं बिकता और मीता बोलने वाले की मिर्ची भी बिक जाती है।

जीवन का अर्थ

जीवन का अर्थ सिर्फ खाना, पीना, सोना और जिंदगी गुजार देना नहीं होता, ऐसी जिंदगी जीने वालों और जानवरों में कोई अंतर नहीं, कुछ ऐसा करो की समाज की उन्नति हो, लोग आपका सम्मान करे और मरने के बाद भी याद रखे।

एक साँस

प्रेम चाहिये तो समर्पण खर्च करना होगा, विश्वास चाहिये तो निष्ठा खर्च करनी होगी, साथ चाहिये तो समय खर्च करना होगा, किसने कहा रिश्ते मुफ़्त मिलते हैं, मुफ़्त तो जिंदगी में हवा भी नहीं मिलती, एक साँस भी तब आती है जब एक साँस छोड़ी हैं।
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